बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब अपनी नई राजनीतिक दिशा बदलने जा रहे हैं,
यह जानकारी वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद ही अपने एक्स हैंडल पर दी है,
जब से राज्यसभा चुनाव की घोषणा हुई है, अचानक यह जानकारी लीक हो गई थी,
कि दो दशकों से बिहार की सत्ता में बने नितीश कुमार अब अपनी दिशा मोड़ रहे हैं,
इसको लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के स्थानीय कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना भी नीतीश कुमार को करना पड़ा है,
जब से यह जानकारी सामने आई है, उन्हीं की पार्टी के कार्यकर्ता पटना में जेडीयू ऑफिस के सामने कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं,
नीतीश कुमार ने क्या कहा
जो आशंकाएं और अटकलें लगाई जा रही थी, उन पर विराम लगाते हुए नीतीश कुमार ने आज सुबह खुद ही एक एक्स पोस्ट करके यह जानकारी दी है,
उन्होंने एक लंबी पोस्ट में लिखा, ‘पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है,
तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है.”
उन्होंने बिहार के लोगों को भरोसा दिया है कि, वे लंबे समय तक बिहार के साथ जुड़े रहेंगे और आने वाले व्यक्ति को मार्गदर्शित करेंगे,
नीतीश कुमार का राजनीतिक कैरियर
नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री रहते हुए अपने नाम कई रिकॉर्ड भी कायम किए हैं,
वे बिहार के अब तक सबसे लंबा कार्यकाल करने वाले मुख्यमंत्री हैं,
नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री मार्च 2000 में बने थे, इनका 7 दोनों का कार्यकाल सबसे छोटा कार्यकाल था,
जिसमें बहुमत साबित न कर पाने की वजह से इनको अपनेे पद से हटना पड़ा था,
इसके अलावा, इनका सबसे बड़ा कार्यकाल नवंबर 2005 से मई 2014 तक रहा है,
तब से लगातार नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं, सरकार और पार्टियां समय-समय पर बदलती रही लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बनाए गए,
मुख्यमंत्री के रूप में उपलब्धियां
बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की उपलब्धियां भी रहीं,
कानून व्यवस्था (सुशासन): सामूहिक नरसंहारों और “जंगलराज” को समाप्त कर ‘कानून का शासन’ स्थापित किया।,
स्पीडी ट्रायल के जरिए हजारों अपराधियों को सजा दिलवाई।
महिला सशक्तिकरण: पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण देने वाले पहले मुख्यमंत्री बने।
छात्राओं के लिए साइकिल योजना और ‘पोशाक योजना’ की शुरुआत की, जिससे स्कूल छोड़ने की दर में भारी कमी आई।
आधारभूत संरचना: पूरे राज्य में सड़कों और पुलों का जाल बिछाया, बिजली के क्षेत्र में सुधार कर हर गांव तक बिजली पहुंचाई।
सात निश्चय योजना: हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियां और शौचालयों का निर्माण जैसे बुनियादी ढांचे पर काम किया।
सामाजिक सुधार: राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की और दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया।
आरक्षण: अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और महादलितों के लिए विशेष योजनाओं और आरक्षण के माध्यम से उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा,
अब देखना बाकी है कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो, आने वाला उत्तराधिकारी नीतीश कुमार की उपलब्धियां को इसी तरह जारी रखेगा या उसमें कोई बदलाव भी किया जाएगा।