17 मार्च का इतिहास (17 March ka itihaas)

आज दिनांक 17 मार्च 2026 और दिन मंगलवार है आज के दिन की प्रमुख घटनाएं और आज के दिन  व्यक्तित्व परिचय इस प्रकार है,

17 मार्च ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 76वॉ (लीप वर्ष मे 77 वॉ) दिन है, साल मे अभी और 289 दिन बाकी है,

बुनकरों पर ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रतिबंध 1769:

ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल प्रांत के कपड़ा उद्योग को तबाह करने के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगाए थे,

इसके तहत, बुनकरों को मजबूर किया गया कि, वे सिर्फ ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए काम करेंगे,

उन्हें बाजार भाव से 20 से 40% तक कम कीमत पर ईस्ट इंडिया कंपनी को कपड़ा बेचने के लिए मजबूर किया गया,

इसके कारण हजारों बुनकरों ने या तो खेती की तरफ पलायन कर लिया या आत्महत्या करनी पड़ी,

रबर बैंड का पेटेंट 1845:

लंदन के रहने वाले स्टीफन थॉमसन और स्टीफन बेरी  ने रबड़ के पहियों का पेटेंट कराया था,

पेटेंट से मतलब, किसी व्यक्ति द्वारा किए गए आविष्कार और 20 साल तक उसको मिलने वाले ट्रेडमार्क से होता है,

इन दोनों आविष्कारकों ने ऐसा करते हुए हवाई यात्रा को ध्वनि मुक्त बनाने का प्रयास किया,

जिससे हवाई यात्रियों को अनावश्यक शोर या उच्च धोनी का सामना न करना पड़े और उनकी यात्रा सुखद हो सके,

आगरा उच्च न्यायालय की स्थापना 1866:

आज ही के दिन 1866 में आगरा उच्च न्यायालय की स्थापना की गई, वॉल्टर मॉर्गन इसके पहले मुख्य न्यायाधीश बने,

इसकी स्थापना लंदन की महारानी विक्टोरिया के विशेष चार्टर (अधिनियम)के तहत की गई थी,

हालांकि 3 साल बाद अर्थात 1869 में इसको आगरा से इलाहाबाद स्थानांतरित कर दिया गया,

मनोहर आईच का जन्म 1912:

मनोहर आईच एक प्रसिद्ध बॉडीबिल्डर थे जिनका कद सिर्फ 4 फीट और 11 इंच था,

इतना छोटा कद होने के बावजूद 1952 में उन्होंने मिस्टर यूनिवर्स का खिताब जीतकर भारत के लिए इतिहास रचा,

उनके अंदर ताकत इतनी थी, कि वे लोहे की छणों को अपने दांतों में दबाकर उनसे (अपने दातों से) ही मोड़ देते थे,

दलाईलामा भारत आए 1959:

आज ही के दिन तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ जबरदस्त विरोध शुरू हुआ और तिब्बत पर चीन का कब्जा हो गया,

इसके बाद आज ही के दिन भारत आए, दलाईलामा को भारत में राजनीतिक और धार्मिक शरण मिल गई,

इससे पहले तिब्बत एक स्वतंत्र और पवित्र बौद्ध धर्म भूमि थी, लेकिन किंतु 1959 में चीन ने इस पर कब्जा कर लिया,

दलाईलामा संपूर्ण विश्व में बौद्ध धर्म के एकमात्र सर्वोच्च गुरु और भिक्षु होते हैं, वे ही धर्म के दिशा-निर्देश तय करते हैं,

मनोहर पर्रिकर का निधन 2019:

गोवा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का निधन आज के दिन 2019 में एक बीमारी और लंबी उम्र के कारण हो गया,

वे अब तक किसी भी राज्य के एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने किसी आईआईटी (आईआईटी मुंबई) से ग्रेजुएशन किया है,

वे 2014 से 2017 तक भारत के रक्षा मंत्री भी रहे, और ‘एक देश एक पेंशन’ को लागू कराया,

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