5 मार्च का इतिहास (5 March ka itihaas

आज दिनांक 5 मार्च 2026 है, यह दिन अपनी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाओं के लिए जाना जाता है, 

जिनमें, गांधी-इर्विन समझौता 1931, बोस्टन नरसंहार आदि घटनाओं के लिए इतिहास में याद किया जाता है, 

तो चलिए जानते हैं कि 5 मार्च को कौन सी प्रमुख घटनाएं या योगदान हुआ था, 

गांधी-इरविन समझौता 1931:

महात्मा गांधी और लॉर्ड इर्विन के बीच यह समझौता सविनय अवज्ञा आंदोलन को रोकने के लिए हुआ था, 

इसका उद्देश्य आर्थिक और राजनीतिक रूप से ब्रिटिश सरकार को हो रही क्षती को रोकना और हिंसा को कम करना था, 

इसके परिणाम-स्वरूप, महात्मा गांधी तीसरी गोलमेज सम्मेलन के लिए लंदन जाने के लिए राजी हो गए, 

और हिंसा को छोड़कर बाकी सभी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल नेताओं को रिहा कर दिया गया।

बोस्टन नरसंहार 1770:

यह 1770 की बोस्टन शहर की घटना है, अमेरिका में ब्रिटिश सैनिकों को ‘लाल वर्दी वाले’ कहकर चिढ़ाया जाता था, 

एक बोस्टन शहर के नागरिक और अंग्रेज सैनिक के बीच इसको लेकर बहस हो गई, जिससे गुस्साए अंग्रेज सैनिक ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें पांच स्थानीय नागरिक मारे गए, 

यही छोटी सी घटना, अमेरिका की आजादी (1776) का प्रमुख कारण भी बनी। 

आयरन कर्टन भाषण 1946:

यह भाषण अमेरिकन शहर मिसूरी में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विन्सटन चर्चिल ने दिया था, 

उन्होंने अपने इस प्रसिद्ध भाषण में लोहावरण का जिक्र करते हुए कहा था कि यूरोप दो भागों में बंट गया है,,

माना जाता है कि, यह प्रसिद्ध भाषण ही शीत-युद्ध की औपचारिक शुरुआत था।

भारतीय वायु सेना की कार्यवाही 1966:

इसी दिन भारतीय वायु सेना ने मिजोरम की राजधानी आइजोल पर वायु सेना की कार्यवाही की थी, 

परिणाम स्वरूप, मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के उग्रवादियों को पीछे हटकर पहाड़ियों और जंगल में छिपना पड़ा, 

तथा मिजोरम की आर्थिक और प्रशासनिक गतिविधियों से हाथ धोना पड़ा।

सोवियत तानाशाह का निधन 1953:

इसी दिन सोवियत संघ के तानाशाह और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव जोसेफ स्टालिन का निधन हुआ था, 

द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी को हराने में उनकी प्रमुख भूमिका रही, किंतु उनकी निरंकुशवादी नीति ने उन्हें दुनिया से अलग-थलग कर दिया, 

1930 में उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों का दमन करने के लिए लाखों लोगों को या तो जेल में डाल दिया या मरवा दिया।

 

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