6 मार्च का दिन अपनी प्रमुख घटनाओं के लिए इतिहास में जाना जाता है,
इस दिन प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं जैसे: हुमायूं का जन्म, भारतीय प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का इस्तीफा आदि इतिहास में दर्ज हैं,
हुमायूं का जन्म 15008:
आज ही के दिन मुगलिया सल्तनत के दूसरे महान शासक हुमायूं का जन्म काबुल में हुआ था,
मुगल सम्राट हुमायूं मुख्य रूप से अपने संघर्षपूर्ण जीवन और साम्राज्य को खोकर पुन: प्राप्त करने के लिए जाने जाते हैं,
शेरशाह सूरी से हारने के बाद उन्हें 15 वर्षों तक निर्वासित जीवन जीना पड़ा,
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और ईरान की मदद से दोबारा दिल्ली की गद्दी हासिल की,
उन्हें एक विद्वान और ज्योतिष प्रेमी शासक माना जाता है, जिनकी मृत्यु अपनी ही लाइब्रेरी की सीढ़ियों से गिरकर हुई थी,
प्रधानमंत्री का इस्तीफा 1991:
राजीव गांधी की जासूसी करने का आरोप लगाकर कांग्रेस के समर्थन वापस लने से प्रधानमंत्री चंद्रशेखर राव ने इस्तीफा दे दिया था,
चंद्रशेखर राव का जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ था, वे अपने छात्र जीवन में ही समाजवादी विचारधारा से जुड़ गए थे,
गांधी-टैगोर मुलाकात 1915:
शांति निकेतन में महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर पहली बार मिले थे, दोनों के बीच भारत की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई थी,
1915 में शांतिनिकेतन में हुई इस पहली मुलाकात ने दो महान विचारधाराओं का मिलन कराया,
जहाँ टैगोर ने गांधी जी को ‘महात्मा’ और गांधी जी ने टैगोर को ‘गुरुदेव’ की उपाधि दी,
हालांकि दोनों के बीच राष्ट्रवाद, चरखा और आधुनिक शिक्षा जैसे विषयों पर गहरे वैचारिक मतभेद थे,
लेकिन उनके बीच आपसी सम्मान और सत्य के प्रति साझा निष्ठा अटूट रही,
टैगोर ने गांधी जी के नैतिक नेतृत्व की सराहना की, जबकि गांधी जी ने टैगोर के कलात्मक और मानवतावादी दृष्टिकोण को भारत की आत्मा माना,
घाना बना स्वतंत्र राष्ट्र 1957 :
घाना प्रधानमंत्री क्वामे न्क्रूमाह के नेतृत्व में एक स्वतंत्र राष्ट्र बना, ब्रिटेन ने घाना पर 113 साल (1874-1957) तक राज किया था,
19वीं शताब्दी के अंत में ब्रिटेन ने इसे ‘गोल्ड कोस्ट’ के नाम से अपनी कॉलोनी बनाया और वहां के संसाधनों, विशेषकर सोने और कोको का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया,
लंबे संघर्ष और क्वामे न्क्रूमा (Kwame Nkrumah) के नेतृत्व में चले आंदोलनों के बाद,
1957 में घाना ब्रिटिश शासन से आजाद होने वाला पहला उप-सहारा अफ्रीकी देश बना,
रामसुंदर दास का निधन 2015:
राजनीतिज्ञ एवं बिहार के मुख्यमंत्री रहे राम सुंदर दास का निधन हुआ था, वे 1979 से मार्च 1980 तक मुख्यमंत्री रहे,
वे बिहार के एक प्रमुख दलित नेता और पूर्व मुख्यमंत्री थे,
उन्होंने 1979 से 1980 तक जनता पार्टी की सरकार का नेतृत्व किया और अपने सरल स्वभाव एवं ईमानदारी के लिए पहचाने गए,
उनका राजनीतिक सफर सोशलिस्ट पार्टी से शुरू हुआ, जहाँ वे जयप्रकाश नारायण के विचारों से गहराई से प्रभावित थे,
मुख्यमंत्री बनने के अलावा, उन्होंने कई बार लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं,
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