आज दिन शनिवार और दिनांक 7 मार्च है, हर दिन की तरह आज का दिन भी अपने आप में अंतरराष्ट्रीय महत्व एवं फिल्मी जगत के लिए अहम स्थान रखता है,
तो चलिए जानते हैं कि आज के दिन इतिहास में कौन सी घटनाएं घटित हुई थीं,
अनुपम खेर का जन्म 1955:
आज ही के दिन 1955 में प्रसिद्ध हास्य अभिनेता और वर्तमान बीजेपी नेता अनुपम खेर का जन्म हिमाचल प्रदेश के शिमला में हुआ था,
उन्होंने अपना योगदान 500 से भी ज्यादा फिल्मों में दिया है, जिनमें दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, ए वेडनेसडे, कुछ कुछ होता है, स्पेशल 26, द कश्मीर फाइल्स आदि बड़ी फिल्में हैं,
गुलाम नबी आजाद का जन्म 1949:
कांग्रेस से 50 साल तक रिश्ता रखने वाले और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद का जन्म जम्मू कश्मीर के डोडा जिले के सोती गांव में 1949 में हुआ था,
हालांकि 2022 में कांग्रेस से मतभेद होने के चलते उन्होंने अपना 50 साल पुराना रिश्ता तोड़ दिया और अपनी नई पार्टी (डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी) का गठन किया,
दक्षेस सूचना मंत्रियों का सम्मेलन 2002:
7 मार्च 2002 को दक्षेस (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) के सूचना मंत्रियों का सम्मेलन शुरू हुआ था,
इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के इस्लामाबाद में तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने की थी, साथ ही उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों का मुद्दा भी उठाया था,
क्यूबा के राष्ट्रपति की पुनः नियुक्ति 2003:
आज ही के दिन क्यूबा के राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो को छठी बार क्यूबा की संसद ने नियुक्त किया था,
उन्होंने एक लोकतांत्रिक शासन के रूप में दुनिया का सबसे लंबा कार्यकाल पूरा किया, वे पहले 1959 से 1976 तक क्यूबा के प्रधानमंत्री और उसके बाद से 2008 तक राष्ट्रपति रहे,
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से क्षतिपूर्ति मंगी 2006:
पश्चिमी देशों द्वारा लगाए जा रहे विभिन्न प्रतिबंधों के चलते ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी परमाणु गतिविधियों से रोक लगाने के लिए क्षतिपूर्ति की मांग की,
जानकारी हो, पश्चिमी देश और खाड़ी देश भी ईरान को परमाणु संपन्न होने से एक खतरे के रूप में देखते हैं क्योंकि उसकी छवि एक कट्टर सिया समुदाय के रूप में पहचानी जाती है,
रवींद्र केलकर का जन्म 1925:
कोंकणी साहित्य के स्तंभकार माने जाने वाले रविंद्र केलकर का जन्म आज ही के दिन 1925 में हुआ था,
उनकी प्रमुख रचनाएं हैं: ‘अमृता’ (लेख), ‘हिमालयांत’ (यात्रा वृत्तांत), ‘सर्जकतेची अंतःसूत्रे’ और ‘महात्मा गांधी: एक जीवनी’,
कोंकणी साहित्य के लिए उन्हें 2006 में पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार और फिर कोंकणी साहित्य के लिए साहित्य अकादमी का पुरस्कार दिया गया था,
गोविंद बल्लभ पंत का निधन 1961:
1961 में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री गोविंद बल्लभ पंत का निधन हुआ था,
उन्होंने पहले उत्तर प्रदेश के प्रीमियर के रूप में 1937-39 तक कार्य किया, इसके बाद 1946 से 27 दिसंबर 1954 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे,
कुछ समय बाद 1955-61 (अपनी मृत्यु तक) केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्यकाल पूरा किया, वे उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और देश के चौथे गृहमंत्री थे।
