वित्तीय बजट 2026-27, क्या महंगा क्या सस्ता

रविवार को ऐतिहासिक रूप से पेश किए गए बजट 2026-27 के अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अहम घोषणाएं कीं,

लेकिन इस बार घोषित हुए बजट में बहुत संतुलन का माध्यम अपनाया गया, मतलब इस बार के बजट में एक तरफ दवाइयां, कपड़े, उत्पादन क्षमता आदि को महंगाई से राहत दी गई है, तो वहीं शेयर बाजार ट्रेडिंग और फ्यूचर ट्रेडिंग, मिनरल्स, शराब और स्क्रेप को झटका दिया।

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि, 1 अप्रैल 2026 से नए इनकम टैक्स नियम लागू किए जाएंगे जो जनसाधारण के लिए समझने में आसान होंगे,, हालांकि साथ ही वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि इन नियमों के तहत कोई भी नया टैक्स स्लैब नहीं जोड़ा जाएगा।

इसके साथ, वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल खोला जाएगा जो महिला शिक्षा को प्रगति देगा, इसमें 100 से 200 छात्राएं आराम से रह सकेंगी,

इसके लिए कुल 5000 करोड रुपए की राशि की घोषणा की गई है।

 

क्या-क्या हुआ सस्ता

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में केंद्र सरकार ने अपनी तरफ से कई स्तरों पर राहत देने की कोशिश की है, जिसमें गंभीर बीमारी से जुड़ी दवाइयां को सस्ता किया जाना तथा देसी उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना शामिल है, जैसे कि —

गंभीर बीमारी से जुड़ी दवाएं सस्ती हुईं

इस वित्तीय वर्ष के बजट में केंद्र सरकार ने कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं पर से बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है, इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं और जिनके लिए इन दवाइयों का खर्चा उठाना मुश्किल पड़ रहा है।

यही नहीं, केंद्र सरकार ने इस बजट में साथ ऐसी दुर्लभ बीमारियों से जुड़ी दवाओं पर से भी पूरी तरह से बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा ली है जो कैंसर से अलग है और जिनका खर्च उठा पाना आम आदमी के लिए मुश्किल है।

डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग सस्ती हुई

माइक्रोवेव ओवन के कुछ जरूरी पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है. वहीं सी-फूड एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट की सीमा 1% से बढ़ाकर 3% कर दी गई है.

लेदर, सिंथेटिक जूते और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट में भी ड्यूटी-फ्री इनपुट और समयसीमा को बढ़ाया गया है. इससे सरकारी खजाना बढ़ेगा और व्यापारियों तथा उद्यमियों को भी समय मिलेगा।

विदेश यात्रा और व्यक्तिगत जरूर से जुड़े सामान भी सस्ते हुए

विदेश में टूर के पैकेज पर जाने वाले यात्रियों को जो पहले 5% से 20% तक का टीडीएस देना पड़ता था उसे अब घटा करके बिना किसी लिमिट के 2% कर दिया गया है।

वहीं विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी राहत दी गई है इसके अंतर्गत, विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भेजे जाने वाले 10 लख रुपए से अधिक की रकम पर अब 5% से सिर्फ 2% ही टैक्स लगेगा।

इसके साथ ही, व्यक्तिगत उपयोग के लिए इस्तेमाल होने वाली विदेशी आयातित वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी को 20% से घटकर 10% कर दिया गया है।

इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो विदेश से आने वाली व्यक्तिगत उपयोग से जुड़ी वस्तुओं पर निर्भर है अथवा उसका लाभ लेते हैं, इन वस्तुओं में इलेक्ट्रॉनिक्स, गिफ्ट्स आदि शामिल हैं।

इलेक्ट्रिक व्हीकल और सोलर एनर्जी भी सस्ती हुई

सरकार द्वारा इस बजट में लिथियम-आयन बैटरी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े कई इनपुट्स को कस्टम ड्यूटी से छूट दी गई है, इससे लिथियम की बैटरी सस्ती होने की संभावनाएं हैं।

याद रहे, सरकार ने इलेक्ट्रिक अथवा बिजली से चलने वाली गाड़ियों पर टैक्स को 5% पर बरकरार रखा है इसमें कोई छूट नहीं दी गई है, हालांकि इलेक्ट्रिक व्हीकल पर कोई अतिरिक्त टैक्स न बढ़ाया जाना और बैटरी कॉम्पोनेंट्स की छूट को जारी रखना भविष्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती होने की संभावनाएं व्यक्त करता है।

क्या-क्या महंगा हुआ

इस बजट में कुछ मामलों में नागरिकों को झटका भी दिया गया है, जिसमें शेयर बाजार में ट्रेडिंग और फ्यूचर ट्रेडिंग से जुड़ी ट्रेडिंग सर्विसेज पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 2% से बढ़कर 5% कर दिया है, इससे ट्रेडिंग करने बालों के लिए जेब खर्ची बढ़ जाएगी।

ऑप्शंस प्रीमियम पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 0.1% से 0.15% और ऑप्शन एक्सरसाइज़ पर 0.125% से 0.15% कर दिया गया है. इससे फ़्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में ट्रेडिंग करना महंगा होगा।

कंपनियों के शेयर बायबैक पर प्रमोटर्स के लिए टैक्स स्ट्रक्चर सख़्त किया गया है, इसका मतलब यह है कि कंपनियों के प्रमोटर्स अब टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे और उन्हें अपनी प्रमोटिंग इनकम पर 22% का कर देना होगा।

पोटेशियम हाइड्रोक्साइड पर मिलने वाली कस्टम छूट को भी खत्म कर दिया गया है, इन पर अब 7.5% तक बेसिक कस्टम ड्यूटी लगेगी, जिससे इनका लैंडेड कॉस्ट बढ़ेगा

एक नजर में

कुल मिलाकर 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट में- विदेश यात्रा, कपड़े, लेदर आदि सस्ते हुए हैं तो वहीं शराब, शेयर बाजार और मिनरल्स नागरिकों पर भारी पड़े हैं।

यानी कह सकते हैं कि, बजट 2026-27 में सरकार ने उपभोक्ता और उत्पादन को सस्ता किया है वहीं लेनदेन और ट्रेडिंग को झटका दिया है।

बजट 2026-27 की घोषणा के बाद इलाज के खर्च में कमी, विदेश यात्रा व शिक्षा पर कम टैक्स, और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक व ऊर्जा-संबंधित उत्पादों के सस्ते होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों को गंभीर बीमारियों से संबंधित समस्याओं का उपचार कराने में राहत मिलती।

यह ब्लॉग भी पढ़ें भारी विरोध के बीच यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक:

स्रोत: बीबीसी हिंदी और प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो ऑफ इंडया

व्हाट्सएप चैनल लिंक

Leave a Comment