ईरान और इजराइल के भीषण युद्ध के चलते सोमवार को शेयर बाजार अपनी न्यूनतम गिरावट के साथ शुरू हुआ,
शेयर बाजार में उथल-पुथल के कारण निफ्टी-50 24700 और बीएसई 1600 अंक तक नीचे गिर गया,
इसका कारण मध्य पूर्व में इजराइल द्वारा ईरान पर किया गया हमला तथा ईरान के सर्वोच्च नेता के मारे जाने के बाद,
मध्य-पूर्व के खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा (अमेरिककी सैन्य ठिकानों) पर की गई कार्यवाही माना जा रहा है।
इसके कारण ही मध्य-पूर्व से कच्चे तेल की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है,
वर्तमान हालात
द इकोनॉमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आज दोपहर 1:00 निफ्टी-50 24690 सेंसेक्स अंकों पर कारोबार कर रहा था, जिसमें 1.94% अथवा 487 अंकों की गिरावट दर्ज की गई,
वहीं, बीएसई (बॉम्बे सेंसेक्स एक्सचेंज) में भी गिरावट देखी गई, जो सेंसेक्स सुबह 79700.86 अंकों पर काम कर रहा था दोपहर 12: 50 तक उसमें 1.95% की गिरावट दर्ज की गई।
आर्थिक विश्लेषकों की राय
इकोनॉमिक्स टाइम्स को विशेषकों ने बताया है कि मध्य पूर्व में हो रहे जबरदस्त युद्ध के कारण कच्चे तेल की आवाजाही में क्षेत्रीय अस्थिरता आ सकती है और इससे व्यापार में देरी भी हो सकती है,
लेकिन इसके विपरीत विशेषकों ने ऑयल इंडिया और ओएनजीसी को सकारात्मक लाभ होने की भी संभावना जताई है।
सोमवार दोपहर तक सेंसेक्स में उछाल की वजह
हालांकि, शनिवार को शेयर बाजार के बंद रहने के कारण बाजार में गिरावट स्पष्ट नजर नहीं आई थी,
लेकिन संभावना जताई गई थी, कि यदि मध्य पूर्व में युद्ध बढ़ता है तो कच्चे तेल की आवाजाही सहित कई व्यापारिक मामलों में समस्या पैदा हो सकती है, इसके कुछ कारण भी है-
ईरान-इजराइल का युद्ध: शनिवार को सुबह शुरू हुए ईरान और इजराइल के बीच युद्ध फिलहाल अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है जो लगभग हफ्तों तक चल सकता है,
मध्य-पूर्व में अमेरिका की पहुंच: इस युद्ध में न सिर्फ ईरान और इजराइल है बल्कि अमेरिका भी इजराइल के साथ संयुक्त कार्यवाही में शामिल है,
तेल की कीमतों में उछाल: यह भी एक बड़ा कारण है क्योंकि ज्यादातर कच्चा तेल मध्य पूर्व से आता है अथवा उसी रास्ते से होकर आता है,
हूती विद्रोही हमला ना कर दें, इसकी आशंका को देखते हुए तेल की आवाजाही मैं कमी आ गई है।