आजाद ने ट्रॉफी को लेकर दिया बयान, किशन और हरभजन ने दिया जवाब

एक तरफ भारतीय क्रिकेट टीम ने t20 विश्व कप में बड़ी जीत हासिल करके विश्व में इतिहास रच दिया है,

तो वहीं दूसरी तरफ क्रिकेट टीम की ट्रॉफी विवादों के घेरे में आ गई है,

दरअसल, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी कीर्ति आजाद ने एक विवादित बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है,

जिस पर ईशान किशन ने अपना जवाब देकर उनकी बोलती बंद करके उन्हें सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया,

कीर्ति आजाद ने क्या कहा था

उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “शेम ऑन टीम इंडिया. हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीता था,

हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख थे. हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत हिंदुस्तान में लेकर आए.

आख़िर भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है?”

उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा की, ‘यह शर्म की बात है कि भारतीय क्रिकेट टीम ट्रॉफी को मस्जिद और चर्च नहीं ले गई,

इशान किशन ने क्या कहा

मंगलवार 10 मार्च को अपने शहर पटना लौटते समय किशन मीडिया से रूबरू हुए और सवालों के जवाब दिए,

एक रिपोर्टर ने जब उनसे कीर्ति आजाद की उस टिप्पणी के बारे में पूछा, तो उन्होंने रिपोर्टर को बीच में टोकते हुए कहा कि,

‘कीर्ति आजाद क्या कहते हैं उससे क्या फर्क पड़ता है, यह बेकार का सवाल है कुछ अच्छा सवाल पूछो,’

पूर्व क्रिकेटर और नेता क्या बोले

पूर्व क्रिकेटरों ने कीर्ति आजाद की इस बयान की आलोचना की है, जिनमें हरभजन सिंह मुखर रहे,

उन्होंने आजाद के इस बयान की निंदा करते हुए कहा, ‘यह जश्न का समय है और आस्था का विषय है कौन क्या कहता है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है,

जिसकी जहां आस्था होगी वह वहां पर ट्रॉफी ले जाएगा, कीर्ति आजाद नहीं बताएंगे की ट्रॉफी कहां जानी चाहिए,’

कौन हैं कीर्ति आजाद

कीर्ति आजाद वर्धमान दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) लोकसभा क्षेत्र का एक सांसद के रूप में नेतृत्व करते हैं,

ये अपने 25% मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए विवादित बयान देते रहते हैं,

जिसके कारण एक पूर्व क्रिकेटर के रूप में उनके इस तरह के बयान आलोचना का कारण बनते हैं,

कीर्ति आजाद वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर भी हैं,

ये वही कीर्ति आजाद है जिन्होंने क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद ‘बीसीसीआई से जुड़ना अपने लिए शर्म की बात’ बताया था,

ये 1983 में उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने कपिल देव की कप्तानी में आईसीसी विश्व कप की पहले ट्रॉफी जीती थी,

हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीर्ति आजाद की कोई ख्याति प्राप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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