इस्लाम के नाम पर बांग्लादेश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने वाले पाकिस्तान ने अब अपने कदम पीछे खींचते हुए 9 फरवरी सोमवार रात को अपना फैसला बदल दिया है,
इस फैसले को बदलते हुए (पीसीबी) पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने यह ऐलान किया है कि 15 फरवरी 2026 को होने वाले आईसीसी t20 मेंस विश्व कप मैच में पाकिस्तान पूर्व-निर्धारित समय पर अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के साथ खेलेगा।
सोमवार को लिया यू टर्न
भारत और श्रीलंका की मेजबानी में 7 फ़रवरी से आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है,
इससे पहले 1 फरवरी को पाकिस्तान की सरकार ने ऐलान किया था कि, 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच का पाकिस्तान बहिष्कार करेगा।
लेकिन सोमवार रात्रि को यू टर्न लेते हुए पाकिस्तान ने ऐलान कर दिया कि, 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान विश्व कप मैच में पाकिस्तान भागीदार होगा।
यू-टर्न में बांग्लादेश की भूमिका
याद होगा कि, कुछ दिन पहले बांग्लादेश ने पाकिस्तान का धन्यवाद जताते हुए आभार व्यक्त किया था कि पाकिस्तान ने उसके साथ खड़े होकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच तथा अन्य मंचों पर उसकी आवाज उठाई है,
लेकिन आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) पीसीबी (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) तथा बीबीसी (बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड) की होने वाली बैठक से पहले ही बांग्लादेश ने पाकिस्तान का आभार जताते हुए अनुरोध किया था कि क्रिकेट तथा पाकिस्तान के हित में होने वाले 15 फरवरी के मैच में पाकिस्तान को हिस्सा लेना चाहिए।
शर्त की भी बात आई सामने
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स तथा टीवी चैनलों में यह दावा किया गया था कि, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के अधिकारियों ने आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा के सामने त्रिकोणीय श्रृंखला (भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश) के अंतर्गत मैच करने की मांग रखी
हालांकि पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इसका खंडन करते हुए बताया है कि, आईसीसी के अधिकारियों के सामने पाकिस्तान या बांग्लादेश की तरफ से ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया गया है।
क्या बांग्लादेश को सजा मिलेगी
आस लगाए जा रहे थे कि, जिस प्रकार सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने आईसीसी वर्ल्ड कप 2026 भारत में खेलने से मना कर दिया है, ,
इसके कारण पाकिस्तान ने उसका साथ दिया इससे क्रिकेट मैच में समस्याएं उत्पन्न हो गईं, इसके लिए बांग्लादेश तथा पाकिस्तान को सजा दी जा सकती है।
हालांकि पाकिस्तान तो भारत के साथ मैच खेलने के लिए राजी हो गया, इसके साथ बांग्लादेश को भी किसी तरह की सजा न दिए जाने का फैसला आईसीसी की तरफ से लिया गया है।
जबकि इसके उलट बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को 2028 से 2031 के क्रिकेटिंग पीरियड के दौरान एक और आईसीसी टूर्नामेंट होस्ट करने का मौक़ा मिलेगा।
इसके लिए बांग्लादेश ने इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड का धन्यवाद करते हुए पाकिस्तान से भारत के खिलाफ मैच खेलने का अनुरोध किया, इसके बाद पाकिस्तान ने अपने फैसले से यू-टर्न लिया है।
क्या था मामला
दरअसल, कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 6 करोड रुपए में आईपीएल सीजन 2026 के लिए खरीदा था,
क्योंकि वर्तमान में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास चल रही है इसलिए सोशल मीडिया पर इसका जोरदार विरोध होने लगा।
जिसके कारण बीसीसीआई ने (केकेआर) फ्रेंचाइजी को निर्देश दिया कि, फ्रेंचाइजी को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करना होगा।
उन्हें रिलीज करने पर बांग्लादेश ने इसको अपना अपमान बताया था, साथ ही बांग्लादेश में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के प्रसारण पर रोक लगा दी गई।
इसके बाद यह विवाद गहराता गया तथा बात यहां तक पहुंच गई कि बांग्लादेश ने आईसीसी मेंस विश्व कप 2026 के अंतर्गत होने वाले अपने सभी क्रिकेट मैचों को भारत की बजाय श्रीलंका शिफ्ट करने के लिए अनुरोध किया था।
स्रोत: बीबीसी न्यूज़ हिंदी