Shrir Ram krishnan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में AI सलाहकार रहे श्री रामकृष्णन अपना पद छोड़ रहे हैं।
हाल ही में देखा गया है कि ट्रंप प्रशासन के रवैये से नाराज होकर उनकी ही पार्टी के सांसदों ने उनका साथ छोड़ दिया है।
लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति भवन (व्हाइट हाउस) मैं एआई सलाहकार के अपना पद छोड़ने की वजह दूसरी ही है।
श्री रामकृष्णन ने अपना पद हमेशा के लिए नहीं छोड़ा, बल्कि कुछ समय अपनेआपको आराम देने के लिए छोड़ा है।
उन्होंने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए, डोनाल्ड ट्रंप के साथ काम करना अपना सौभाग्य बताया है।
वे व्हाइट हाउस में, अमेरिका के लिए तैयार की जाने वाली AI से जुड़ी पॉलिसी निर्माता और सीनियर एडवाइजर के रूप में भी कार्यरत थे।
18 महीने से थे पद पर तैनात 
20 जनवरी 2025 को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण के साथ ही प्रशासनिक नियुक्तियों में फेर बदल कर दिया था।
जिसके चलते, रामकृष्णन को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सोपी गई थी, अधिकारियों के अनुसार, इसका उन्होंने बखूबी पालन किया।
श्रीराम के साथ नियुक्त किए गए डेविड सैक्स ने उनके साथ काम करने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक पोस्ट किया है।
उन्होंने लिखा, ‘आपके साथ 18 महीनों तक काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है, जिसके पास तकनीकी ज्ञान का भंडार है।
आपके पास न सिर्फ AI का ज्ञान है बल्कि कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान करना मैंने आपसे ही सीखा है।’
उन्होंने श्री रामकृष्णन की तारीफ करते हुए आगे कहा कि, वे सरकार में ना रहते हुए भी प्रशासनिक मदद करते रहेंगे।
जो अमेरिका और उसकी मजबूत सुरक्षा के हित में है, डेविड सैक्स ने अपने साथ रहने को लेकर श्री राम का आभार जताया।
भारत के चेन्नई से है पुराना नता
तमिलनाडु के चेन्नई में जन्मे श्री रामकृष्णन की शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के SRM कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी से कंपलीट हुई।
बीटेक तक पढ़ाई करने के बाद 21 वर्ष की उम्र में इंजीनियर के पद पर काम करने के लिए वे अमेरिका चले गए।
इसके बाद वे, हमेशा के लिए अमेरिका के ही नागरिक हो गए, जिनको इस बार ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली।
श्री रामकृष्णन के पिता चेन्नई में ही बीमा क्षेत्र में कार्यरत एक अधिकारी थे जबकि उनकी मां एक सामान्य ग्रहणी हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नई संस्था बनाएंगे श्री रामकृष्णन

श्री रामकृष्णन ने अपने पद से त्यागपत्र देते हुए कहा है कि, यो प्रशासन से तो दूर हैं लेकिन अमेरिका के लिए मजबूती से काम करेंगे।
उन्होंने कहा, जल्द ही वो अमेरिका तथा उसके सहयोगी देशों के लिए एक ऐसी संस्था बनाएंगे जो एआई से जुड़ी चुनौती से निपटेगी।
