सोशल मीडिया पर लगातार भारत में कच्चे तेल और पेट्रोल/डीजल की कमी की आशंकाओं को देखते हुए तेल कंपनियों ने बयान दिया है,
इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पैट्रोलियम लिमिटेड सहित कई तेल कंपनियों ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को रोकने की अपील की है,
दरअसल, पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर हो रही लगातार भीड़ के चलते सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं,
जिसके कारण लोग ब्लैक में गैस सिलेंडर खरीद रहे हैं और अवैध तरीके से पेट्रोल डीजल भी इकट्ठा कर रहे हैं,
परिणामस्वरूप, कई जगहों से ओवर स्टॉक के कारण आग लगने की खबरें आई हैं, जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा है,
तेल कंपनियों ने प्रेस कांफ्रेंस कर क्या बताया

आज दोपहर 1:30 के आसपास भारतीय तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने एक बयान जारी किया है,
जिसमें आइओसीएल के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि, ‘सोशल मीडिया पर चल रहीं अफवाहों से सबको बचना चाहिए,
भारत में पेट्रोल और कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है, ऐसी अफवाहों पर भरोसा ना करते हुए हम सबको सावधान रहना चाहिए,’
सोशल मीडिया पर फैल रही हैं अफवाहें
लगातार सोशल मीडिया पर कुछ समाचार या मीम्स बनाकर भारत में तेल की कमी को दिखाया जा रहा है,
इसी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था,
इसके बाद, विशेषकर सोशल मीडिया पर फैल रहीं अफवाहों पर विराम लगाने के लिए और नागरिकों को भरोसा देने के लिए यह कॉन्फ्रेंस की गई,
इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने अपने बयान में यह भी कहा कि, ‘ऑनलाइन फैल रही अफ़वाहें बेवजह चिंता पैदा कर सकती हैं,
और सामान्य आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर सकती हैं. इंडियन ऑयल के आउटलेट पूरी तरह भरे हुए हैं, और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं,’
भारत के पास कितना तेल रिजर्व है?

विकिमीडिया कॉमन्स
हाल ही में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत बढ़ाई गई थीं, जिसके कारण लोगों ने अंदेशा लगाया कि कच्चे तेल और गैस की कीमत भी बढ़ाई जा सकती हैं,
हालांकि, गैस सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ाई गई लेकिन अभी तक भारत में कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं,
जिसको लेकर प्रधानमंत्री ने एक बयान भी दिया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा था कि,
‘यदि भारत में तेल संकट आ भी जाता है तो हमारे पास अतिरिक्त और बड़ी मात्रा में तेल रिजर्व है,
किसी और देश पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है,’
मोदी ने बताया था कि, ‘‘स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व के रूप में भारत के पास 53 लाख मैट्रिक टन से भी ज्यादा कच्चा तेल सुरक्षित रखा है,’
स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व का मतलब होता है, यदि आपात स्थिति में राष्ट्रीय संकट के दौरान कोई अन्य विकल्प मौजूद न हो तब के लिए,
साथ ही, सरकार ने यह भी बताया कि यह तेल सरकारी कंपनियों की भंडारण क्षमता से अलग मात्रा में है, जो जमीन के नीचे सुरक्षित है,
जिसकी संख्या बढ़ाकर 65 लाख मैट्रिक टन करने की योजना पर सरकार काम कर रही है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
