
महाराष्ट्र के बारामती में एक चुनावी समारोह में जा रहे उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई है, यह घटना बुधवार सुबह 8:48 पर हुई, जब उनका विमान बरामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था।
विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना से पहले एक और बार विमान ने लैंडिंग की कोशिश की थी तब भी असफल रहा, किंतु जब दूसरी बार रनवे पर लैंडिंग की कोशिश की तो अचानक ही विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह खेत में जा गिरा और तुरंत ही उसमें आग लगनी शुरू हो गई।
इस घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, उनके एक सहायक, एक सुरक्षा कर्मी और दो पायलट समेत कुल पांच लोग सवार थे, (डीजीसीए) नागरिक विमानन महानिदेशालय ने विमान सवार सभी लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है।
अजित पवार के निधन की सूचना मिलते ही महाराष्ट्र के बड़े नेताओं का जमावड़ा बारामती एयरपोर्ट पर लग गया, साथ ही बचाव दल भी तुरंत मौके पर पहुंच गया और सुरक्षा व्यवस्था की चौकसी बढ़ा दी गई
कई बड़े नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
अजीत पवार के निधन की सूचना मिलते ही उनके प्रति संवेदनाओं का सैलाब उमड़ गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में लिखा “श्री अजित पवार जी जनता के नेता थे, जिनका ज़मीनी स्तर पर मज़बूत जुड़ाव था. महाराष्ट्र की जनता की सेवा में अग्रिम पंक्ति में रहने वाले एक कर्मठ व्यक्तित्व के रूप में उन्हें व्यापक सम्मान हासिल था. प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त करने का उनका जज़्बा भी उल्लेखनीय था. उनका असमय निधन बेहद चौंकाने वाला और दुखद है. उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति.”।
वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा “आज एक दुःखद हादसे में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनडीए के हमारे वरिष्ठ साथी अजित पवार जी को खो देने की सूचना से मन अत्यंत व्यथित है. अजित पवार जी ने बीते साढ़े तीन दशकों में जिस प्रकार महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए खुद को समर्पित किया, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता.”।
इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी अजित पवार के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
बता दें कि, अजित पवार महाराष्ट्र की सरकार में ना सिर्फ उपमुख्यमंत्री थे, बल्कि जब से हिंदी बनाम मराठी विवाद शुरू हुआ तब से वह एनडीए में एक प्रमुख मराठी चेहरे के रूप में भी थे, जो हिंदी बनाम मराठी के संकटकाल में भी महाराष्ट्र में एनडीए के साथ सक्रिय रूप से खड़े रहे और बहुत संतुलित नजर आए।
कौन थे अजित पवार
याद रहे कि अजित पवार ना सिर्फ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे बल्कि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष भी थे। शायद आपको याद ही होगा कि जुलाई 2023 में अपनी ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बगावत करते हुए अजीत पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का असली हकदार अपने गुट को माना था, उसी समय उनके समर्थन में लगभग 40 विधानसभा के विधायक, लगभग 10 विधान परिषद के विधायक और एक-एक लोकसभा तथा राज्यसभा के सांसद ने उनका साथ दिया था।
अजीत पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देओलाली प्रवरा गाँव में हुआ था। उनके पिता अनंतराव पवार थे। अजित पवार का बचपन ग्रामीण परिवेश में बीता और उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा स्थानीय स्कूल से ही पूरी की थी।
अब तक की राजनीतिक यात्रा
अजीत पवार का राजनीतिक सफर 1982 में शुरू हुआ जब वे को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के बोर्ड में चुने गए।
प्रमुख पड़ाव:
शुरुआत: 1991 में पहली बार बारामती से सांसद बने, फिर विधानसभा के लिए सीट खाली की।
मंत्री पद: 1991 से महाराष्ट्र सरकार में कृषि, ऊर्जा और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभाला।
उपमुख्यमंत्री: वे 5 बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे हैं (2010 से अब तक अलग-अलग कार्यकाल)।
बगावत और सत्ता: 2019 में रातों-रात भाजपा के साथ शपथ लेकर सबको चौंकाया, लेकिन बाद में एमवीए सरकार में लौटे।
पार्टी विभाजन: 2023 में उन्होंने शरद पवार से अलग होकर असली NCP पर दावा ठोका और वर्तमान में महायुति सरकार का हिस्सा थे।
हादसाग्रस्त विमान के बारे में
पवार जिस विमान में सवार थे वो लियरजेट-45 (LJ45) एक मध्यम आकार का विमान है, जिसे बिज़नेस जेट या चार्टर फ्लाइट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. कनाडाई विमान कंपनी बॉम्बार्डियर के बनाए गए लियरजेट विमानों का इस्तेमाल कई चार्टर कंपनियां करती हैं.
इस विमान में दो हनीवेल TFE731-20AR/BR टर्बोफैन इंजन लगे होते हैं और इसमें एक बार में लगभग आठ यात्री यात्रा कर सकते हैं.
करीब तीन हजार किलोमीटर की रेंज में तेज़ी से उड़ान भरने की क्षमता के लिए यह जाना जाता है.
पीआईबी के मुताबिक़ बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ लियरजेट-45 विमान 2010 में बना था यानी यह लगभग सोलह साल पुराना था।
