असम विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लग गया है, क्योंकि उनके एक मंत्री ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है,
हेमंत विश्व शर्मा सरकार में मंत्री रहीं नंदिता गोर्लोसा ने भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़ कांग्रेस का साथ साध लिया है,
आने वाले असम विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से कई नेता अपनी बाजी पलट रहे हैं,
ऐसा ही भारतीय जनता पार्टी में असम की मंत्री रहीं नंदिता गोर्लोसा ने किया है उन्होंने अब बीजेपी का साथ छोड़ दिया है,
बताया जा रहा है कि, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांगा था जिससे उन्हें इनकार कर दिया गया,
इसके बाद उन्होंने अपना फैसला लेते हुए भाजपा का साथ छोड़ दिया है और कांग्रेस में रविवार शाम को शामिल हो गईं,
इसके बाद कांग्रेस के पूर्व घोषित उम्मीदवार निर्मल लंगधासा ने अपनी उम्मीदवारी स्वेच्छा से छोड़ दी है,
जो असम के पहाड़ी जिले दीमा हंसाओ के हाफलॉन्ग निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार थे,
अब उनकी जगह नंदिता गोर्लोसा इस सीट से चुनाव लड़ेंगे, बीजेपी ने इस सीट पर रूपाली लंगधासा को उम्मीदवार बनाया है,
कांग्रेस ने क्या कहा
कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, ‘हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि नंदिता गोर्लोसा कांग्रेस में शामिल हो गई है,
वे हमेशा अपने विश्वासों और सिद्धांतों पर खड़ी रही हैं, हेमंत अभिषेक शर्मा ने सिर्फ आदिवासियों की जमीन बची है’,
इसी बयान में कांग्रेस ने बताया कि बीजेपी की रूपाली का सामना नंदिता गोर्लोसा करेंगी,

कौन है नंदिता गोर्लोसा
अपने पहाड़ी जिले दीमा हसाओ के हाफलॉन्ग निर्वाचन क्षेत्र में आदिवासियों के बीच प्रमुखता से छाई रहने वाली,
नंदिता गोर्लोसा का जन्म 13 में 1977 को दीमा हसाओ के हाफलॉन्ग में ही हुआ था, और वे बीते कई वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं,
वे अपने क्षेत्र में आदिवासियों की महत्वपूर्ण आवाज बनकर सामने आती रही हैं, जो उन्हें अपने क्षेत्र में मजबूत करता रहा है,
इसीलिए उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र हाफलोंग सीट से विधानसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता रहा है,
असम विधानसभा चुनाव:
कुछ दिन पहले ही चुनाव आयोग ने असम विधानसभा के चुनावों के लिए घोषणा की थी,
इसमें बताया गया था कि 9 अप्रैल को पूरे विधानसभा के वोट एक साथ डाले जाएंगे जबकि चुनाव परिणाम 4 में को आएगा,
बताया जा रहा है कि इससे बीजेपी को बड़ा झटका लग सकता है, जो आने वाले विधानसभा चुनावों में असर करेगा।
