बालेन शाह नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने 7 शंखों के शंखनाद के साथ अपने पद की शपथ ली,
शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने अंतरिम प्रधानमंत्री सुशिला कर्की को गले लगा लिया, यह पल अत्यंत भावुक कर देने वाला था,
रिकॉर्ड भारी बहुमत से दर्ज की जीत

इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आने वाले बालेन शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री को बड़े अंतर से हराया है,
बालेंद्र साह ने छापा-5 सीट से चुनाव लड़ा था, जिनके सामने पूर्व प्रधानमंत्री ओली नेपाल मार्क्सवादी पार्टी से खड़े थे,
उन्होंने, पूर्व प्रधानमंत्री केपी ओली को लगभग 50000 वोटो के अंतर से हराया है,
जानकारी हो कि, नेपाली संसद की 275 सीटों पर हुए चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 182 सीटों पर जीत दर्ज की है,
बालेंद्र शाह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से गठबंधन करके चुनाव लड़े थे,
कौन है बालेंद्र शाह
बालेंद्र शाह, जिन्हें बालेन शाह के नाम से भी जाना जाता है, वे नेपाल के लोकप्रिय रेपर और काठमांडू के पूर्व मेयर हैं,
2022 में हुए काठमांडू के मेयर पद के चुनाव में भी उन्होंने भारी बहुमत से जीत दर्ज की थी,
27 अप्रैल 1990 को जन्मे, बालेन शाह पेशे से इंजीनियर और रेपर है, उन्होंने सबसे कम उम्र में प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल किया है,
उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है,
पीएम मोदी ने जीत की बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बालेंद्र शाह को नेपाल का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है,
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘नेपाल के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर बालेंद्र शाह को बहुत-बहुत बधाई.’
साथ ही उन्होंने शाह के साथ, कंधे से कंधा मिलकर काम करने की उत्सुकता भी जताई है,
श्री मोदी ने कहा, बालेंद्र शाह को नेपाल के लोगों ने नेतृत्व करने के लिए चुना है, आपकी नियुक्ति नेपाल के लोगों का भरोसा बनेगी,
पूर्व प्रधानमंत्री ओली हुए गिरफ्तार

बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री बने हुए अभी दो ही दिन हुए थे कि, अंतरिम सरकार में गठित की गई एक जांच कमेटी की रिपोर्ट सामने आ गई है,
जिसके चलते ही कल शाम को शाह के चुनावी प्रतिद्वंदी केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया,
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभिनारायण काफले ने यह भी जानकारी दी है कि, पूर्व गृह मंत्री को भी गिरफ्तार किया गया है,
बताते चलें कि, रमेश लेखक केपी ओली सरकार में गृहमंत्री थे, जिसके चलते उन पर कई आरोप लगे हैं,
नेपाल के पुलिस प्रवक्ता ने बीबीसी नेपाली को बताया है कि, दोनों को कड़ी सुरक्षा में काठमांडू पुलिस परिसर ले जाया गया है,
ओली क्यों हुए गिरफ्तार
2025 में हुए नेपाल में ज़ेन ज़ी के विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए अंतरिम सरकार में एक जांच आयोग गठित हुआ था,
तीन दिन पहले ही वह रिपोर्ट सरकार को सौंपी गई है, जिसमें इन दोनों प्रमुख नेताओं की भूमिका सामने आई है,
इसके अंतर्गत, बिना पूर्व जानकारी के नागरिकों पर गोली चलवाना, जैसे गंभीर आरोप लगाए रिपोर्ट में सामने आये हैं,
