आरएसएस के सक्रिय नेता और वकील ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वालों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।
यह टिप्पणी लोकतांत्रिक छवि के लिए इतनी हिंसात्मक है कि जिसकी निंदा आरएसएस ने करके उनसे दूरी बना ली है।
केरल के रहने वाले एक हिंदुत्ववादी नेता टीजी मोहनदास नहीं जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वालों को गोली मारने के बाद कही थी।
जिसकी अब चारों तरफ निंदा हो रही है और केरल में उन पर AISF द्वारा FIR भी दर्ज करवाई गई है।
विवाद बढ़ता देख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक ने उनसे अपनेआप को अलग कर दिया है और उनकी निंदा करने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला

उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित हुए वीडियो में कहा कि, अगर वे प्रदर्शनकारियों को हटाने की जिम्मेदारी संभाल रहे होते तो सबसे पहले वहां पर कर्फ्यू लगा देते।
उसके बाद उन्होंने कहा, अगर वो (प्रदर्शनकारी) फिर भी नहीं मानते तो तीन बार चेतावनी देने के बाद मैं गोली चलवा देता।
उन्होंने कहा कि, जब मैं गोली चलवाता तो कुछ भाग जाते, कुछ गिर मर जाते, कुछ बचते तो उनके हाथ पैर टूट जाते।
मैं जिम्मेदारी में होता तो, 4 घंटे के अंदर ही पूरी स्थिति अपने नियंत्रण में ले लेता और माहौल बिल्कुल शांत कर देता
केरल के पुलिस प्रमुख को शिकायत
केरल के पुलिस प्रमुख को दी गई एक शिकायत में ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन AISF ने इसे गंभीर मामला बताया है।
शिकायत में कहा गया है कि मोहनदास कि इस भड़काऊ टिप्पणी से सामूहिक हिंसा की अपील नजर आती है।
जिसे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसात्मक कार्यवाही के रूप में देखा जाए और उन पर कार्यवाही होनी चाहिए।
AISF ने आरोप लगाया है कि, इस तरह से खुलेआम हिंसात्मक कार्रवाई की वकालत करना सरकार की ताकत का इस्तेमाल करने के बराबर है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने की निंदा

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मोहन दास के इस बयान की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आगे कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक के नेता का यह भड़काऊ बयान संघ परिवार की संकीर्ण सोच बताता है।
विजयन ने अपनी फेसबुक पोस्ट में, कांग्रेस के गठबंधन वाली केरल सरकार पर मिली भगत का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, केरल की यूडीएफ सरकार आरएसएस को खुश रखने के लिए पुलिस और कानून व्यवस्था को मूकदर्शक बनाए हैं।
वहीं, विवाद बढ़ने के बाद केरल के गृहमंत्री रमेश ने वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि केरल भारत का सबसे बड़ा शिक्षित राज्य है और यहां पर हिंसा की कोई जगह नहीं है।
