19 मार्च का इतिहास (19 march ka itihas

आज 19 मार्च 2026 दिन गुरुवार है, और आज से ही पावन नवदुर्गा की शुरुआत हो रही है,

तो चलिए जानते हैं 19 मार्च के इतिहास में क्या-क्या खास रहा है और कौन-सी प्रमुख घटनाएं हुईं,

मनीला पर कब्जा 1571

आज ही के दिन स्पेनिश सेना ने अपनी टुकड़ियों के साथ मिलकर फिलिपींस के शहर मनीला पर कब्जा कर लिया था,

इसका नेतृत्व स्पेनिश खोजकर्ता और स्पेनिश कमांडर मिगुएल लोपेज़ डी लेगाज़ी ने किया था,

वहां के तत्कालीन राजा सुलेमानी और मुटुंडा को बंधक बना लिया गया और कड़ी यातनाएं दी गईं,

इसके बाद 24 जून 1571 को मनीला शहर को फिलिपींस की राजधानी घोषित कर दिया गया,

भारत बांग्लादेश शांति समझौता 1972

19 मार्च का इतिहास (19 march ka itihas)

आज ही के दिन 1972 में भारत और बांग्लादेश ने मैत्री शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे,

यह कदम बांग्लादेश की राष्ट्रीयता को स्वीकार करने और बांग्लादेश के साथ शांति संबंधों को बनाए रखने के लिए उठाया गया था,

दोनों देशों के बीच परस्पर मैत्री संबंध और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे,

ब्रिटेन-वेटिकन के राजनेयिक संबंध 1982

400 से ज्यादा सालों के बाद ब्रिटेन और वेटिकन सिटी के बीच राजनीतिक संबंध पुनः स्थापित हुए थे,

ब्रिटेन और वेटिकन के संबंधों में 400 साल तक दरार का कारण 16वीं सदी के एक राजा की वजह से था,

दरअसल 16वीं शताब्दी में ब्रिटेन के राजा किंग हेनरी-8 ने अपनेआप को चर्च ऑफ इंग्लैंड का प्रमुख घोषित कर दिया,

क्योंकि यह एक धार्मिक पद था जिसे राजा हासिल नहीं कर सकता था इसीलिए वेटिकन और ब्रिटेन में दरार आई,

हालांकि, 1982 में पाँप ओफ पोल की ब्रिटेन यात्रा के बाद दोनों समुदायों के बीच संबंध पटरी पर आए,

तालिबान ने 100 गायों की बलि दी 2001

तालिबान के तत्कालीन नेता मुल्ला मोहम्मद उमर  ने इस कृत्य को प्रायश्चित के रूप में अंजाम दिया था.

दरअसल, भगवान बुद्ध की मूर्तियों को तोड़ा जा रहा था किंतु उसमें देरी होना उनको पाप महसूस हुआ,

इसीलिए उन्होंने अपने प्रायश्चित के रूप में 100 गायों की बलि देने का आदेश दिया था,

और इस आदेश में यह भी कहा गया था, कि गायों के मांस को गरीबों में बंटबाया जाना चाहिए,

शाहीन-2 का सफल परीक्षण 2005

पाकिस्तान द्वारा आज ही के दिन 2005 में शाहीन-2 प्रक्षेपण का सफल परीक्षण किया गया,

यह भूमि आधारित बैलिस्टिक मिसाइल थी जो ठोस ईंधन से संचालित होती है,

इसकी मारक क्षमता लगभग ढाई हजार किलोमीटर  के आसपास है जो भारत के अंदरुनी हिस्से तक आसानी से पहुंच सकती है।

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