Bihar board result: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने कक्षा 10 के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं,
कक्षा 12वीं की तरह ही कक्षा 10 के रिजल्ट में भी ज्यादातर लड़कियों ने ही बाजी मारी है और बिहार का नाम रोशन किया है,
बिहार शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी किए गए परीक्षा परिणाम में प्रथम स्थान बांका जिले की रहने वाली पुष्पांजलि कुमारी ने बाजी मारी है,
इसके बाद, उनके जिले और परिवार में खुशी का माहौल है जगह-जगह उनकी तारीफ की जा रही हैं और मिठाइयां बांटी जा रही हं,
बिहार बोर्ड ने कुछ दिन पहले ही जारी किया था 12वीं का रिजल्ट

याद हो कि कुछ दिन पहले ही 23 मार्च को बिहार शिक्षा परीक्षा समिति ने कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया था,
इस परीक्षा परिणाम में साइंस स्ट्रीम से आने वाले मृत्युंजय कुमार ने 500 में से 481 अंक प्राप्त करके राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया था,
इसके बाद बिहार शिक्षा समिति ने जल्द ही दसवीं का रिजल्ट जारी होने की जानकारी दी थी जिसका इंतजार 29 मार्च को खत्म हुआ,
शिक्षक पिता की पुत्री हैं पुष्पांजलि
पुष्पांजलि कुमारी के पिता लाल मोहन शर्मा एक शिक्षक हैं, जो साधारण ग्रामीण परिवेश से आते हैं,
वे माध्यमिक विद्यालय भगवानपुर में विशिष्ट शिक्षक के पद पर तैनात हैं, उन्होंने अपनी बेटी की सफलता का श्रेय उसकी मेहनत को दिया,
पुष्पांजलि ने एबीपी न्यूज़ के रिपोर्टर कुमुद रंजन राव को अपनी सफलता के बारे में बताते हुए इंटरव्यू शेयर किया है,
उन्होंने बताया कि, भले ही मेरे पिता शिक्षक हैं, लेकिन मैंने कम संसाधनों और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया है,
उन्होंने बताया, सच्ची मेहनत में अच्छे संसाधनों की इच्छा नहीं रखनी चाहिए क्योंकि सफलता में जीत सच्ची मेहनत ही दिलाती है,
माता-पिता और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय

पुष्पांजलि ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता-पिता को देते हुए बताया कि शिक्षकों का सहयोग भी उन्हें प्रभावित करता रहा है,
उन्होंने बताया कि, चीजों को रटने की बजाय समझने का प्रयास मैंने किया जिसके लिए मुझे शिक्षक प्रेरित करते रहते थे,
पुष्पांजलि के घर में शुरू से ही शिक्षा का माहौल रहा है, अपने परिवार की सबसे छोटी बेटी पुष्पांजलि की दो बहन और एक भाई और हैं,
जिनमें उनके भाई इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं, उनकी अन्य दोनों बहनें भी अभी शिक्षारत रही है,
रिजल्ट आने के बाद पूरे बांका जिले में जश्न का माहौल है, इससे पहले साल 2019 में भी हाईस्कूल के टॉपर यहां से ही ही थे।
