केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शहजाद भट्टी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
यह सिर्फ किसी व्यक्ति पर हुई एकमात्र कार्यवाही नहीं है बल्कि भारत के 14 राज्यों में हुई छापेमारी का बड़ा खुलासा है।
आखिर कौन है शहजाद भट्टी? क्या यह कोई पाकिस्तानी नेटवर्क का सरगना है? और अगर ऐसा है तो इससका नेटवर्क भारत के 14 राज्यों में कैसे फैल गया? इस गैंग का लॉरेंस बिश्नोई और सिद्धू मूसेवाला गैंग से क्या संबंध है?
इन सभी मुद्दों पर आज हम बात करेंगे और जानेंगे कि भारत सरकार द्वारा की जा रही इस ताबड़तोड़ छापेमारी बाली कार्यवाही में शहजाद भट्टी का पर्दाफाश किस तरह से हुआ है।
आखिर क्या है पूरा मामला?

दरअसल, शहजाद भट्टी का मामला मीडिया में तेजी से उस वक्त सामने आया जब 2 दिन पहले ही गृहमंत्री अमित शाह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट करके भारत सरकार द्वारा स्वतंत्रता दिवस से पहले किए गए बड़े ऑपरेशन की सफलता के बारे में जानकारी दी थी।
इसमें उन्होंने एक दावा किया था, उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से पहले ही भारत सरकार ने एक ऑपरेशन चलाकर शहजाद भट्टी नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म कर दिया।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया था कि शहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से काम करता है।
होना क्या था मीडिया में यही बात आग की तरह फैल गई और अब यही जानने की होड मच गई, कि इस नेटवर्क में क्या भारत से भी कोई समर्थन दिया जा रहा था क्योंकि ऐसा हो ही नहीं सकता है कि भारत की सीमावर्ती क्षेत्र का इस नेटवर्क को फैलाने में इस्तेमाल न किया गया हो?
पाकिस्तान का भी आया जवाब
यह खबर पाकिस्तान में फैलते ही वहां की खुफिया एजेंसी की बदनामी पर सवाल उठने लगे।
इसके बाद पाकिस्तान ने भी अपनी तरफ से मोर्चा संभालते हुए इसे भारत का पाखंडवाद करार दिया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे भारत का प्रोपेगेंडा बताते हुए नापाक अभियान की हरकत बता दी।
इसके साथ ही पाकिस्तान ने इसे भारत की आंतरिक सुरक्षा में गड़बड़ी तक बता दिया।
अपराधियों के पास से क्या बरामद हुआ
सोमवार को जारी किए गए अमित शाह के दावे और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के बयानों में एक समानता मिलती दिखाई दी।
जिसमें कहा गया कि गिरफ्तार किए गए लोगों से गोला बारूद, हथियार, कारतूस और बड़ी मात्रा में हैंड ग्रेनेड मिले हैं।
उन्होंने इस कनेक्शन को पाकिस्तान से जोड़ते हुए कहा कि, इन हथियारों में पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के निशान पाए गए हैं।
आईएसआई से संबंध होने से शहजाद भट्टी ने किया इनका

उधर, इस मामले के खुलासे की जानकारी होने पर शहजाद भट्टी ने एक टिकटोक वीडियो जारी किया है।
जिसमें उसने दावा किया है कि, भारत के गृहमंत्री द्वारा उन पर लगाए जा रहे आरोप बिल्कुल गलत हैं।
इससे पहले एक वीडियो उसने 19 जुलाई को जारी किया था, जिसमें उसने अपनेआपको पाकिस्तान या उसकी खुफिया एजेंसी से जुड़े होने वाले दावे को खारिज करते हुए इनकार किया था।
उसने भारतीय अधिकारियों पर आरोप लगाया था कि वे अपनेआप को देश का बहादुर सिपाही बताने के चक्कर में किसी को भी बदनाम कर रहे हैं।
उसके पहले उसने 23 जून को भी एक वीडियो जारी किया था जिसमें कहा था कि, भारत में मेरे बारे में चर्चाएं हो रही हैं और कहा जा रहा है कि शहजाद भट्टी के चार पांच नौकर गिरफ्तार कर लिए गए हैं यह सब झूठी खबरें हैं इसके अलावा कुछ नहीं।
लॉरेंस बिश्नोई और सिद्धू मूसेवाला गैंग से संबंध की खबरें

कुछ दिन पहले ही एक और वीडियो शहजाद भट्टी ने जारी किया था, जिसमें उसने कहा था कि लॉरेंस बिश्नोई मेरा बहुत अच्छा दोस्त है लेकिन कुछ वजहों से मुझे लॉरेंस बिश्नोई से संबंध खत्म करने पड़े।
उसने कहा, लॉरेंस बिश्नोई मेरी तरह ही एक गैंगस्टर है जो अपना गेंग चलाता है लेकिन लॉरेंस बिश्नोई अपने नौकरों का इस्तेमाल करके उन्हें छोड़ देता है।
रिश्ता खत्म होने की दूसरी चौंकाने वाली बात बताते हुए भट्टी ने बताया कि, लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा सिद्धू मूसेवाला को मारा जाना मुझे सही नहीं लगा इसीलिए बिश्नोई गैंग से हमने दूरी बना ली।
लास्ट में उसने यह भी कहा कि जिस भी भारतीय व्यक्ति को उसने अपने साथ जोड़ा है उसका साथ उसने कभी नहीं छोड़ा।
इससे यह साफ हो गया है कि भारत के लोगों ने भी उसके साथ काम करने की इच्छा जताई होगी इसीलिए इतना बड़ा नेटवर्क वह फैला पाया भारत में।
निष्कर्ष
फिलहाल, इस मामले के अभी और भी राज के पत्ते खुलने वाले हैं, जो भारत सरकार द्वारा की गई इस कार्यवाही को एक मजबूत दिशा में ले जाएगी।
आपको क्या लगता है, क्या इस जांच को और मजबूती देने के लिए सरकार सेना का भी सहारा लेगी?
क्या सेना के साथ-साथ साइबर एजेंसियों को भी मजबूत जिम्मेदारी सौंपी जाएगी?
इन सभी मुद्दों पर आपकी क्या राय है?
