कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना को क्या रोक नहीं जा सकता था?
जिस तरह चश्मदीदों ने बताया कि घटना के आधे घंटे तक पुलिस और आयोजकों में से कोई नहीं आया और लोग तड़पते रहे, अगर अच्छी सुरक्षा व्यवस्था और आयोजक टीम सतर्क होती तो क्या इस बड़ी दुर्घटना को रोका नहीं जा सकता था?
कोलकाता की दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद घटना में अब तक 19 लोग मारे जा चुके हैं जबकि 25 से ज्यादा घायल है।
घटनास्थल से बच के आए कुछ लोगों ने बताया कि, मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं।
क्यों मची भगदड़

कोलकाता में रहने वाले कई बुद्धिजीवियों ने बताया कि यह कार्यक्रम कोई नया नहीं था, 91 सालों से इस कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था आज तक कभी कोई घटना नहीं हुई, फिर इस बार कैसे हो गई।
इसकी संभावना जताते हुए एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अचानक कार्यक्रम के बीच में ही बारिश शुरू हो गई जिससे कुछ लोगों के पैर फिसल गए और बारिश के चलते लोग इधर-उधर भागने लगे जिससे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
मोदी, शाह और ममता क्या बोले
गृहमंत्री अमित शाह का शनिवार और रविवार को पश्चिम बंगाल में कार्यक्रम प्रस्तावित था, शनिवार रात को हुई इस घटना के बाद रविवार के उनके सभी कार्यक्रम रद्द कर दिये गये।
उन्होंने कहा, कोलकाता पूजा पंडाल में हुई दुखद घटना से मैं क्षुब्ध और आहत हूं, कल सुबह ही मैं हॉस्पिटल जाकर सभी घायलों का हाल जानूंगा, अधिकारी मेहनत से कम कर रहे हैं।
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, कोलकाता में हुई दुखद घटना से मैं बहुत आहत और दुखी हूं, मैं मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में हुई इस घटना पर लिखा कि 90 सालों में आज तक इस तरह की घटना नहीं हुई है यह बहुत दुखद घटना है और मैं प्रार्थना करती हूं कि घायल लोग जल्दी स्वस्थ हो जाएं।
मुख्यमंत्री की घोषणा और मुआवजा

हालांकि एक तरफ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए 25 लख रुपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी जबकि घायल हुए व्यक्ति को ₹500000 की सहायता राशि देने की घोषणा कर दी है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने भी राहत कोष से मारे गए प्रत्येक व्यक्ति को ₹200000 जबकि घायल हुए व्यक्ति को ₹50000 की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह भी कहा कि, इस बार पश्चिम बंगाल में 58000 दुर्गा पूजा कार्यक्रममें का आयोजन किया जा रहा है, यह इतनी बड़ी घटना हो कैसे गई, इसकी जांच पुलिस की डिजिटल टीम कर रही है।
इसके साथ ही एक SIT का भी गठन किया जाएगा, जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
