CJP 2.O: जंतर मंतर पर आज होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की वैरीकिडिंग के बीच लंबी जंग शुरू होने जा रही है।
जहां एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कहा है कि स्थिति चाहें जितनी भी जटिल आ जाए दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार हमें रोकने में नाकामयाब रहेगी।
वहीं, दूसरी तरफ पुलिस रेलवे और मेट्रो सहित सभी कॉरपोरेशन्स ने अपनी तरफ से भी पूरी तैयारी कर ली है।
मालूम हो कि, कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े को लेकर है।
दिल्ली आने वालों को हिरासत में लिया गया

कॉकरोच जनता पार्टी यानी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया है कि देशभर से जंतर मंतर आने वाले लोगों को रास्ते में ही डिटेल कर लिया गया है।
उन्होंने कहा, इन लोगों में कोई दलित संगठन से है, कोई छात्र संगठन से, कोई किसान संगठन से, तो कोई राजनीतिक दल से हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, इस तरह से किसी को भी बीच में उठा लेना और जबरन हिरासत में रखना इमरजेंसी की कार्यवाही है,
उनकी इस बात को साझा करते हुए दूसरे प्रवक्ता सौरव दास ने भी इसको इमरजेंसी की कार्यवाही बताया है।
कई बड़े कार्यकर्ता नजरबंद

एक यूजर ने वीडियो शेयर किया था, जिसमें बताया गया था कि दिल्ली के रोशन नाम के व्यक्ति के यहां साउथ रेंज के कई पुलिस अधिकारियों ने उनके घर पहुंच कर उन्हें नजर बंद कर दिया है।
इसके बाद, सीजेपी ने आरोप लगाया कि, एक तरफ सरकार डरी हुई है और इमरजेंसी के हालात हो गए हैं, वहीं दूसरी तरफ यही सरकार और उनके लोग कह रहे हैं कि यह प्रदर्शन छोटा और कमजोर है
इसी तरह के आरोप गुजरात पुलिस पर भी एक महिला सरपंच और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की कार्यकर्तास त्येशा लेउवा ने भी लगाए हैं, उ
न्होंने बीबीसी गुजराती को बताया कि, रात 11:00 बजे मेरे घर पर अचानक गुजरात पुलिस का छापा पड़ गया और हैरानी की बात यह थी कि इसमें कोई महिला पुलिस नहीं थी।
मेट्रो रेलवे और रेस्टोरेंट बंद

दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर दिल्ली रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक आने जाने वाली सभी ट्रेनों को 10 घंटे के लिए अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया है।
उधर, दिल्ली मेट्रो ने भी अपनी कमर कसते हुए 10 अक्टूबर रात 10:00 बजे तक के लिए एक दिन पहले ही अपने 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया था।
इसमें दिल्ली मेट्रो ने दलील देते हुए कहा, कि केंद्र सरकार की तरफ से शनिवार को होने वाले अत्यधिक ट्रैफिक को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
जबकि, दिल्ली पुलिस के 3000 से भी ज्यादा जवान और सीआरपीएफ की 70 कंपनियों के 7000 जवान पहले ही बुला लिए गए हैं।
