राम मंदिर चंदा चोरी, जानिए सभी आठ आरोपियों के बारे में

विपक्ष द्वारा लगाए गए एक आरोप जिसमें कहा गया था कि राम मंदिर में कथित तौर पर चंदे की हेराफेरी की गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी जांच की पहली ही रिपोर्ट में मंदिर प्रशासन के धागे खुलने लगे हैं।

एसआईटी की जांच रिपोर्ट के दूसरे ही दिन मंदिर के पैसे में हेरा फेरी करने वाले आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।

इन दोषियों से अब तक 80 लाख से भी ज्यादा रुपए बरामद हुए हैं, इस पैसे की हेरा फेरी प्रशासन की नाक के नीचे की गई।

सभी आरोपी न्यायिक किरासत में

पुलिस ने सभी आरोपियों को 26 जून शाम 7:00 बजे तक गिरफ्तार कर लिया, इनमें से चार को बाद में पकड़ा जा सका।

इसके बाद सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की गई जिसके बाद अब तक 80 लख रुपए से ज्यादा बरामद हो चुका है।

शाम को जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश करने के बाद सभी आठ आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अयोध्या की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह के आदेश पर इन सभी की न्यायिक हिरासत 29 जून तक रहेगी।

शुक्रवार को मुहर्रम की छुट्टी होने के कारण न्यायालय बंद था जिसके चलते मामले की अच्छी तरह सुनवाई नहीं हो सकी।

आरोपियों का क्या था काम

राम मंदिर चंदा चोरी, जानिए सभी आठ आरोपियों के बारे में

अनुकल्प मिश्रा, एसआईटी जांच रिपोर्ट के अनुसार यह चंदा चोरी का मुख्य मास्टरमाइंड है जिसने करोड़ों की संपत्ति बनाई।

अविनाश शुक्ला, इस पर गिनती के समय पैसे की हेराफेरी करके उन पैसे को चुराकर लाखों की संपत्ति बनाने का आरोप है।

मनीष यादव, इसने सीसीटीवी कैमरे के सामने भी पैसे की चोरी की थी, जिससे इसके पास से 36 लख रुपए बरामद हुए हैं।

लव कुश मिश्रा, पुलिस जांच में इसकी संपत्ति में अचानक इजाफा सामने आया है इसने गोबर के देर में पैसे छुपाकर रखे थे।

करुणेश पांडे, इस आरोपी ने चुराए गए पैसों को गलत तरीके से वैध बनाने की कोशिश की और फर्जी लेनदेन को सही ठहराया।

रामाशंकर मिश्रा, इस पर मुख्य आरोपी मनीष यादव और अनुकल्प मिश्रा की मदद करने का आरोप सामने आया है।

राम शंकर उर्फ टिल्लू, यह राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव संपत राय का ड्राइवर था जिसने अपने रसूख का इस्तेमाल किया।

इसने ऊपर तक अपनी पहुंच का फायदा उठाकर अपने भतीजे को पैसों की गिनती करने में शामिल कराया और गवन किया।

सुभाष श्रीवास्तव, इसका कम पैसों का बंडल बनाना था पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे वारदात की साजिश इसी ने रची थी।

इन सब से यह साफ हो जाता है कि, सभी आरोपियों ने मिलकर एक साथ इस षड्यंत्र को अंजाम दिया और पैसा चुराया।

दूध का दूध और पानी का पानी

एसआईटी की पहली जांच रिपोर्ट के साथ ही 8 गिरफ्तारियां होने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बयान दिया है।

उन्होंने कहा, हम राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे, और जल्द ही इस पूरे मामले की तह तक जाएंगे।

Leave a Comment

Scroll to Top