28 फरवरी से चल रही अमेरिका और ईरान की जंग ने एक हस्ताक्षर के साथ आखिरकार अंतिम रूप ले ही लिया।
MOU पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक ताली बजाकर चिल्ला पड़े, It’s sign, it’s sign।
इसके बाद अन्य लोगों ने भी इसी तरह से चिल्लाकर और ताली बजाकर इस युद्ध विराम हस्ताक्षर का स्वागत किया।
इससे यह तो स्पष्ट हो गया है कि इस युद्ध विराम को समाप्त करने के लिए ट्रंप कितने ज्यादा उतहित दिखाई दे रहे थे।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ समझौता

इस हस्ताक्षर कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजिश्कियान भी मौजूद थे।
दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की आधिकारिक मौजूदगी के रहते हुए इस युद्ध विराम समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए गए।
इसके चलते, यह युद्ध विराम समझौता तत्काल प्रभाव से और तुरंत लागू हो गया, इससे पूरी दुनिया ने चैन की सांस ली।
स्विट्जरलैंड की बजाय फ्रांस में हुआ Mou Sign
जानकारी हो कि, 2 दिन पहले ही फ्रांस की अध्यक्षता में g-7 सबमिट की बैठक का आयोजन किया गया था।
इस बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित, g-7 के कई गैर-सदस्यों को इस बैठक में आमंत्रित किया गया था।
इसके बाद, फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मेक्रो ने डिनर के दौरान ट्रंप से इस युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया।
इसके बाद, तीनों नेताओं की मौजूदगी में, 28 फरवरी से चले आ रहे हैं इस बम धमाके वाले युद्ध को समाप्त करने की मंजूरी दी गई।
टल सकती है जेनेवा की बैठक

गौरतलब है कि, पाकिस्तान और कतर की गहन मध्यस्थता में लंबे समय से चले आ रहे युद्ध विराम प्रस्ताव को तैयार किया है।
इसके तहत कहा गया था कि शुक्रवार को, स्विट्जरलैंड की राजधानी जेनेवा में इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे।
लेकिन पाकिस्तान की नामौजूदगी में इस युद्ध विराम पर साइन करना उसके लिए एक बड़ा झटका भी माना जा रहा है।
इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि, अब जिनेवा बैठक का कोई औपचारिक महत्व नहीं है।
यही कारण है कि, दोनों देशों के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि, जेनेवा में होने वाली कोई भी बैठक सिर्फ औपचारिकता होगी
और इसकी कोई गारंटी भी नहीं है कि यह बैठक आयोजित ही की जाएगी, क्योंकि प्रस्ताव पर आधिकारिक हस्ताक्षर हो चुके हैं।
शुरू होगी कच्चे तेल की आवाजाही
इस युद्ध विराम प्रस्ताव पर हस्ताक्षर होने के बाद यह तो तय हो गया है कि अब होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुल जाएगा।
इसके साथ ही, कच्चे तेल जैसे, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस सहित सभी तरह के सामानों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
