Threat to blow up Oman: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब, क्या, किस पर और कैसा एक्शन ले लें कुछ नहीं पता।
ऐसे ही संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति ने ओमान को उड़ाने को लेकर दी गई एक धमकी देकर दिए हैं।
याद हो कि, यह वही ओमान है जो अक्सर शांत रहता है और परदे के पीछे से शांति समझौते कराने के लिए जाना जाता है।
इतना ही नहीं, यही ओमान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सबसे बड़े और भरोसेमंद सहयोगियों में से एक है।
डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्ताव किया खारिज़

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच एक गुप्त तरीके से किये जा रहे ईरान-ओमान समझौते को अमेरिका ने खारिज कर दिया है।
यह प्रस्ताव ईरान और ओमान के अधिकारियों के सहयोग से तैयार किया जा रहा था जिसका संबंध होर्मुज से था।
इसका मकसद, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कर लगाने को लेकर कथित प्रस्ताव को मंजूरी तक पहुंचाना था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दी ओमान को धमकी

जब इसकी जानकारी अमेरिका को हुई, तो उनके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति भवन) में हुई कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए ओमान को यह धमकी दी।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘ओमान को चाहिए कि वह बाकी देशों की तरह व्यवहार करें नहीं तो हम उन्हें नष्ट कर देंगे’।
इतना सुनते ही कुछ पत्रकार हैरान हो गए, क्योंकि खाड़ी देशों में कतर, यूएई और सऊदी अरब के बाद ओमान अमेरिका का बड़ा सहयोगिनी पार्टनर है।
जबकि कुछ पत्रकारों ने इसको सामान्य लिया, क्योंकि वे शायद जानते थे कि राष्ट्रपति ट्रंप कभी भी, कुछ भी कह और कर सकते हैं।
ब्लूमबर्ग ने खबर को दी हवा
आर्थिक और राजनीतिक मामलों की एजेंसी ब्लूमबर्ग ने 21 मई को खाड़ी में तैयार हो रहे इस प्रस्ताव की जानकारी सार्वजनिक की।
इसके बाद न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान/ओमान वार्ता में शामिल दो अधिकारियों के हवाले से इस खबर को और विस्तार दिया।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, यह प्रस्ताव होर्मुज स्ट्रेट से निकलने वाले जहाजों में भरे समान के बदले नकद भुगतान को मंजूरी देने से जुड़ा था।
