हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दावा किया था, कि ईरान के नए राष्ट्रपति ने युद्ध विराम का अनुरोध किया है,
लेकिन ईरानी मीडिया ने ट्रंप के इस बयान को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति झूठ बोल रहे हैं,
ईरानी मीडिया ने यह बयान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से दिया है,
इस बयान में कहां गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ना सिर्फ झूठ बोल रहे हैं बल्कि बेबुनियादी दावे भी कर रहे हैं,
कुछ घंटे पहले ट्रंप ने किया था दवा

कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया,
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी निजी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक चौंकाने वाला बयान देते हुए लिखा,
‘ईरान के नए शासन के राष्ट्रपति ने हमसे युद्धविराम की मांग की है, लेकिन हम अभी इस पर विचार कर रहे हैं’
उन्होंने आगे लिखा, ‘ईरान का यह नेता अपने पूर्व नेताओं की तुलना में कम कट्रट और ज्यादा समझदार है,’
हालांकि इस पूरे बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने, किसी भी नेता का नाम नहीं लिया और ना ही उसके बारे में बताया,
अमेरिकी राष्ट्रपति के इसी बयान को बेबुनियाद बताते हुए ईरानी मीडिया ने देश की जनता को सतर्क रहने के लिए कहां है,
मीडिया ने यह भी कहा कि हमारी लीडरशिप अच्छे से काम कर रही है और इजराइल-अमेरिका का मुकाबला कर रही है,
इससे पहले भी ट्रंप कर चुके हैं दावे

दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति के नेता की बातें आमतौर पर किसी को भी समझ नहीं आती है, कि वे कब क्या कर दें,
क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ज्यादातर मामलों में फुल कॉन्फिडेंट रहते हैं और कुछ भी बोल और कर सकते हैं,
कुछ दिन पहले ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को (Strait Hormuz of trump) बता दिया था,
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति के सभी दावे गलत भी नहीं होते हैं कभी-कभी जो चाहते हैं वे वह करते भी हैं,
ईरान के कई टॉप नेता मारे गए

28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका/इसराइल के संयुक्त रूप से ईरान पर हमले में अब तक कई ईरान के बड़े नेता मारे गए हैं,
जिनमें, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामिनी और ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्डन कोर के कमांडर इन चीफ का नाम भी शामिल है,
हालांकि, जहां तक नए राष्ट्रपति की बात है तो ईरान की मीडिया ने जनता को पहले ही सतर्क कर दिया है,
ईरानी टीवी चैनल ने याद दिलाया की, कल ही ईरान के राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से बयान देते हुए दिखे थे,
इसीलिए अमेरिकी राष्ट्रपति की बातों पर ईरान के लोगों को भरोसा नहीं करना चाहिए और उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए
