JDU/RJD: UCC यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर अभी खींचतान चल ही रही थी कि, बिहार में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड के बारे में बड़ी भविष्यवाणी कर दी।
मालूम हो कि, कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि 2029 तक एनडीए के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू कर दी जाएगी।
हालांकि ज्यादातर बीजेपी के सहयोगी दल इस फैसले में सरकार के साथ हैं लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सहारा देने वाली जेडीयू का रूख अभी स्पष्ट नहीं है।
राजद ने दिया था साथ आने का ऑफर

जब राष्ट्रीय जनता दल को इसकी भनक लगी कि भाजपा और जेडीयू UCC को लेकर एक मत नहीं हैं, इसके बाद ही तेजस्वी यादव ने गेंद अपनी पाली में डालने की कोशिश की।
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को संबोधित करते हुए कहा, हम और आप दोनों ही नहीं चाहते हैं कि बिहार में समान नागरिक कानून लागू हो, क्योंकि इससे अल्पसंख्यकों के अधिकार छीन जाएंगे जो बिहार में अशांति का कारण बनेगा।
इसीलिए हमें चाहिए, की बिहार के भविष्य के लिए हम और आप मिलकर सरकार बनाएं।
हालांकि, नीतीश कुमार या उनकी पार्टी की तरफ से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बिहार के उपमुख्यमंत्री और जदयू उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि, यूनिफॉर्म सिविल कोड की पहले समीक्षा की जाएगी इसके बाद ही इस पर पार्टी का फैसला आएगा।
बिल्कुल इसी तरह का रुख चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) ने अपनाते हुए इस बिल की समीक्षा की बात कही है।
जबकि ये दोनों राजनीतिक दल भाजपा के सबसे भरोसेमंद सहयोगी के रूप में माने जाते हैं।
नितीश के नाम पर वोट लिया
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, हमने तो पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के पद से हटाकर अज्ञातवास में भेज दिया जाएगा।
और हमारी भविष्यवाणी बिल्कुल सच साबित हुई, बीजेपी वालों ने पहले नीतीश कुमार के नाम पर वोट लिया और फिर उन्हें मुख्यमंत्री के पद से चुपचाप हटा दिया।
यह बिहार के साथ धोखा है, बिहार की जनता के साथ छल है, लेकिन अड भी वक्त है कि नीतीश कुमार बिहार के लोगों की भावनाओं का सम्मान करें।
अमित शाह का एक बयान और फिर,,,,,

मुंबई में बीजेपी फॉरम के एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा था कि 2029 तक बीजेपी और उसके सहयोगी एनडीए शासित 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता UCC लागू कर दी जाएगी।
इसके तुरंत बाद जदयू विधायक श्याम रजक ने स्पष्ट किया कि बिहार में यह कानून कतई लागू नहीं होगा।
बस इतने में ही नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के अंदर फूट साफ-साफ सामने आने लगी।

Bhut badhiya