ईरान-अमेरिका युद्ध विराम: इसराइल नहीं हटाएगा लेबनान से अपनी सेना

US-iran peace talks: खबरें आ रही हैं कि, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा लंबा युद्ध समाप्त होने जा रहा है।

इस युद्ध विराम प्रस्ताव को तैयार करने में पाकिस्तान की बड़ी भूमिका रही है, जिनसकी मेहनत सफल होकर रंग लाई है।

युद्ध विराम समझौते के बारे में जानकारी देते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने बयान जारी किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद दुनिया में चैन की सांस ली और तेल की कीमत में कमी भी देखने को मिली।

युद्ध विराम पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा

ईरान अमेरिका युद्ध विराम: इसराइल नहीं हटाएगा लेबनान से अपनी सेवा

युद्ध विराम के बारे में जानकारी देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, ‘सभी जहाजों अपने इंजन चालू कर लो।’

इसके बाद उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के अथक प्रयासों और सहयोग के चलते आखिर हम युद्ध विराम तक पहुंच ही गए,

बहुत ही जल्द मध्य पूर्व में होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को हटाकर इसे ईरान को सौंप दिया जाएगा।’

इसके बाद लगभग पूरी दुनिया को लगने लगा कि मध्य पूर्व में चल रही जंग अब अपने आखिरी दौर से गुजर रही है।

हालांकि, युद्ध विराम की इन शर्तों में क्या-क्या शामिल है इस बारे में अभी तक कोई भी रूपरेखा सामने नहीं आई है।

शांति की घोषणा खुशी की बात: शाहबाज शरीफ

इस युद्ध विराम को करवाने में पाकिस्तान की अहम भूमिका है

इसके बाद, युद्ध विराम की भूमिका में शामिल मुख्य वार्ताकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सहवाग शरीफ ने भी बयान दिया है।

उन्होंने कहा,’ लंबे समय से मध्य पूर्व में चल रहे इस युद्ध के आखिरकार समाप्त होने का वक्त नजदीक आ गया है,

अमेरिका और ईरान के साथ मिलकर यह युद्ध विराम प्रस्ताव हमने तैयार किया है, जिसमें दोनों देशों की आपसी सहमति है।’

उन्होंने इस पर भी जोड़ दिया कि, दोनों देशों के बीच न सिर्फ ईरान बल्कि, लेबनान में हमले रोकना भी शामिल है।

हालांकि, लेबनान को लेकर पूरा रुख सिर्फ अमेरिका के पास नहीं है, क्योंकि इसमें इजराइल का आगे का कदम बहुत खास है।

लेबनान से सेना नहीं हटाएगा इजरायल

लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा इजरायल

इसी बीच, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाओं के लिए यह युद्ध विराम संयुक्त रूप से दिया गया एक बहुत बड़ा झटका है,

क्योंकि इसराइल के पाकिस्तान से राजनीतिक संबंध नहीं है, यही कारण है इस प्रस्ताव के बारे में इसराइल को कुछ नहीं पता है।

हालांकि इसराइल ने साफ कर दिया है, कि जब तक हिजबुल्ला के हमले नहीं रुकते वह लेबनान से अपनी सेना नहीं हटाएगा।

लेकिन उधर लेबनान के राष्ट्रपति ने अनुरोध किया है कि, इस युद्ध विराम प्रस्ताव में लेबनान में शांति शामिल होनी चाहिए।

इससे पहले समझौते के बारे में जानकारी देते हुए पाकिस्तान के पीएम ने कहा था कि इस समझौता से लेबनान में शांति स्थापित होगी।

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