संसद के मानसून सत्र का आज दूसरे हफ्ते का तीसरा दिन है, जिसमें आज सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से जोरदार बहस देखने को मिली।
जहां, एक तरफ राहुल गांधी ने एक 18 साल की लड़की के साथ हुई अपनी बातचीत साझा करते हुए इडियट शब्द बोल दिया,
तो कहीं दूसरी तरफ प्रियंका गांधी ने, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर को गोमूत्र विशेषज्ञ कहके बवाल खड़ा कर दिया।
इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, और संसद के निचले सदन लोकसभा में जबरदस्त टकराव देखने को मिला।
क्या बोली थीं प्रियंका गांधी 
दरअसल, ‘शिक्षा सुधारों पर बनी कमेटी पर प्रियंका गांधी अपना भाषण बोल रही थीं, जिसमें बबाल शुरू हो गया।
उन्होंने कहा, शिक्षा सुधारों के लिए बनाई गई सबसे पहले कमेटी राधा कृष्णन आयोग की सिफारिशों को आप क्यों नहीं लागू करते।
उन्होंने आगे कहा, इस शिक्षा समिति में एक आईबी चीफ, एक आईटी कंपनी के संस्थापक और एक गोमूत्र विशेषज्ञ हैं।
यह लोग शिक्षा सुधार के बारे में क्या बता सकते हैं, ये शिक्षा सुधारों पर देश के बच्चों का भविष्य कैसे तय कर पाएंगे।
जिस पर, मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आपत्ति जताते हुए इसे प्रोफेसर का अपमान बताया।
उन्होंने कहा, मुझे लगा कि प्रियंका गांधी राहुल गांधी से ज्यादा समझदार होगी लेकिन इन्होंने अपने भाई को भी पीछे छोड़ दिया।
उसी के बाद बहस शुरू हो गई, जिस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी आपत्ति जलते हुए प्रियंका की आलोचना की।
राहुल गांधी ने क्या कहा था

राहुल गांधी भी शिक्षा सुधारों पर बनी कमेटी पर अपनी बात रख रहे थे, जहां उनके द्वारा बोले गए एक शब्द ने हंगामा खड़ा कर दिया।
वे अपने साथ हुई एक 18 साल की छात्रा के साथ बातचीत साझा कर रहे थे, जहां उन्होंने इडियट शब्द बोल दिया।
उन्होंने कहा, उस लड़की ने मुझे स्टूडेंट की तीन कैटेगरी बताईं, जिसमें एक छात्र, एक अंधभक्त और एक इडियट होता है।
जिस पर संसद में जोरदार हंगामा शुरू हो गया, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कानून मंत्री किरेण रिजजू अपनी सीट से खड़े हो गए।
कानून मंत्री ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर से की, इसके बाद लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी के इस शब्द को संसद की कार्यवाही से हटा दिया।
मालूम हो, छात्रों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा सुधारों को लेकर एक कमेटी बनाई जा रही है।
जिसकी अध्यक्षता इन्फोसिस के सहसंस्थापक नंदन नीलेकणी कर रहे हैं।
